शिव के बारह ज्योतिर्लिंग
II द्वादश ज्योतिर्लिंगानि II
सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनं
उज्जयिन्न्यां महाकाल मोंकार ममलेश्वरम १
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरं
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने २ .
वाराणस्यां तु विश्वेशं...
य एषु सुप्तेषु जागर्ति
य एषु सुप्तेषु जागर्ति
कौन है वह जो 'इन' 'सोये-हुओं' में जागता है?
मैं इस सूक्ति को कुछ अलग अर्थ में देखता हूँ।
सोचता हूँ यह 'किसका'...
श्रीरुद्राष्टकम्
श्रीरुद्राष्टकम्
ॐ नम: शिवाय
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II श्रीरुद्राष्टकम् II
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नमामीशमीशान निर्वाण-रूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद-स्वरूपं
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजे- अहं १.
निराकारामोंकार मूलं तुरीयं
गिराज्ञान गोतीतमीशं गिरीशं
करालं महाकाल कालं कृपालं
गुणागार संसारपारं नतो-अहं...